ICC Women's T20 World Cup: हरमनप्रीत की सेमीफ़ाइनल में रणनीति क्या होगी?

आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दोनों सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले तय हो गए है. दोनों सेमीफ़ाइनल गुरुवार को खेले जाएंगे. पहले सेमीफ़ाइनल में भारत और इंग्लैंड तो दूसरे में मेज़बान ऑस्ट्रेलिया का सामना दक्षिण अफ़्रीकी टीम से होगा.

सातवें महिला टी20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में हरमनप्रीत की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम अगर सेमीफ़ाइनल की बाधा पार गई तो वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार फ़ाइनल में पहुंचेगी.

इससे पहले मंगलवार को दक्षिण अफ़्रीका और वेस्ट इंडीज़ की टीम के बीच होने वाला मैच एक भी गेंद किए बिना बारिश की भेट चढ़ गया. इसके बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला, और नतीजा यह निकला कि दक्षिण अफ़्रीकी टीम चार मैच में तीन जीत और एक बेनतीजा मैच के सहारे सात अंकों के साथ अपने ग्रुप बी में पहले स्थान पर रही.

दूसरी तरफ़ इंग्लैंड की टीम तीन जीत और एक हार के साथ छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही.

अगर सेमीफ़ाइनल रद्द हो गया तो...
सेमीफ़ाइनल गुरुवार को है और इस दिन बारिश होने की संभावना भी बताई जा रही है. तो अगर सेमीफ़ाइनल इसकी वजह से रद्द हो गया तो टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक़ भारतीय टीम ही फ़ाइनल में पहुंचेंगी.

ऐसा इसलिए होगा क्योंकि भारतीय टीम ने अपने ग्रुप 'ए' के सभी चारों मैच जीते हैं. सेमीफ़ाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका और बांग्लादेश को हराया.

जबकि ग्रुप मैचों के दौरान इंग्लैंड को दक्षिण अफ़्रीका के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा था और यह बारिश की वजह से मैच रद्द होने की स्थिति में उन पर भारी पड़ेगा.

कमाल की बात है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना बल्लेबाज़ी में भारत की सबसे मज़बूत कड़ी साबित होंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

भारत की शैफ़ाली वर्मा छुपी रूस्तम निकली और अभी तक वह चार मैच खेलकर 161 रन बना चुकी हैं. इसी साल 28 जनवरी को अपना सोलहवां जन्मदिन मनाने वाली शैफ़ाली वर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 29, बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 39, न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 46 और श्रीलंका के ख़िलाफ़ 47 रन बनाए. एक अर्थ में उनका प्रदर्शन लगातार निखरता चला गया.

टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा छक्के
शैफ़ाली वर्मा को भारतीय महिला टीम का वीरेंद्र सहवाग माना जा रहा है. उनका स्टाइल भी सहवाग से मेल खाता है. वह किसी भी गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर पहुंचाने की क्षमता रखती हैं.

शॉट खेलने की उनकी टाइमिंग विरोधी गेंदबाज़ों पर भारी पड़ती है. पूरे टूर्नामेंट में वह अभी तक 18 चौके और नौ छक्के जमा चुकी हैं. छक्के लगाने के मामले में तो वह इस विश्व कप में सबसे आगे हैं.

शैफ़ाली वर्मा के अलावा एक और युवा खिलाड़ी 19 साल की जेमीमा रोड्रिग्ज़ ने भी बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 34 और दीप्ती शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ नाबाद 49 रन की पारी खेली. दरअसल भारतीय टीम अपनी गेंदबाज़ों के दम पर इस टूर्नामेंट में तमाम विरोधी टीमों पर भारी पड़ी और कम स्कोर का भी बख़ूबी बचाव करने में कामयाब रही. इसमें सबसे बडा योगदान स्पिनर लेगब्रेक गेंदबाज़ पूनम यादव का रहा जिन्होंने अब तक सर्वाधिक नौ विकेट चटकाए हैं.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तो पूनम यादव ने 19 रन देकर चार विकेट झटके. उनके इस प्रदर्शन से चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही मैच में जीत के लिए 133 रन का पीछा करते हुए केवल 115 पर सिमट गई. पिछली चैंपियन टीम को मात देने के बाद भारतीय टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उसका आत्मविश्वास सांतवें आसमान पर पहुंच गया.

पूनम यादव के अलावा शिखा पांडेय ने भी अपनी तेज़ गेंदों के दम पर अभी तक सात विकेट हासिल किए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तीन विकेट लेकर पूनम यादव का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया. पूनम यादव की गुगली और शिखा पांडेय की सही लाइन और लेंथ के बाद रही सही कसर दूसरी गेंदबाज़ों ने पूरी की. इनमें खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ और तेज़ गेंदबाज़ अरूंधती रेड्डी शामिल है.

इन पर इंग्लैंड का दारोमदार
अब अगर सेमीफ़ाइनल में भारत से मुक़ाबला करने वाली इंग्लैंड की टीम की बात की जाए तो भले ही वह ग्रुप मैच में दक्षिण अफ़्रीका से तो हार गई लेकिन उसके बाद उसने थाइलैंड को 98 रन, पाकिस्तान को 42 रन और साल 2016 की चैंपियन वेस्ट इंडीज़ को 46 रन से हरा कर सेमीफ़ाइनल में पहुंची है.

इंग्लैंड की ख़ब्बू लेग स्पिनर सोफी एक्लेस्टन और तेज़ गेंदबाज़ आन्या श्रबसो ने इंग्लैंड को सेमीफ़ाइनल तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है. सोफी और आन्या ने अभी तक 8-8 विकेट अपने नाम किए है.

बल्लेबाज़ी में इंग्लैंड की आलराउंडर नताली सिवर और हीदरनाइट जमकर चमकी हैं. नताली सिवर तो इस विश्व कप में अभी तक 202 रन बनाकर सबसे आगे है. वहीं कप्तान हीदरनाइट भी एक शतक की मदद से 193 रन बनाकर दूसरे स्थान पर है. इस टूर्नामेंट में पहला शतक जड़ने का रिकॉर्ड भी हीदरनाइट के नाम ही है और थाइलैंड के ख़िलाफ़ लगाए उस शतक की बदौलत वो क्रिकेट के तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में सेंचुरी जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है.

ग्रुप मैच में इंग्लैंड ने अपने तीन मैच बड़े अंतर से जीते तो भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को तीन रन से और ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हराया, यानी दोनों ही मुक़ाबले बेहद क़रीबी थे.

अब फ़ाइनल पहुंचने के लिए भारत को इंग्लैंड की इसी चौकड़ी से बचकर रहना होगा.

इंग्लैंड की टीम साल 2009 में हुए पहले टी-20 विश्व कप की विजेता भी रही है. इसी महीने की आठ तारीख़ को अपना 31वां जन्मदिन मनाने जा रही भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी उस टूर्नामेंट में उतरी थीं.

लगातार सातवां टी-20 विश्व कप खेल रही हरमनप्रीत कौर को अगर भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जीत का तोहफा देती है तो जहां पहली बार फ़ाइनल में खेलने का सपना तो पूरा हो सकता है वहीं विश्व महिला दिवस यानी आठ मार्च को कप्तान हरमनप्रीत अपने जन्मदिन पर ख़िताबी जीत का तोहफा भारत को दे सकती हैं.

वैसे इस विश्व कप में वो अभी तक 2, 8, 1 और 15 जैसा साधारण स्कोर ही बना सकी हैं जो उनके नाम से मेल नहीं खाता. यही हाल स्मृति मंधाना का भी है. वह अभी तक तीन पारियों में 10, 11 और 17 रन ही बना सकी हैं.

भारत के फ़ाइनल में पहुंचने और उसे जीतने में अब इनकी फॉर्म में वापसी की भी ज़रूरत पड़ेगी ही.

Comments